जीरो से हीरो बनने तक का सफर

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Entrepreneur Vilas Gayake Success Story

नमश्कार दोस्तों मैं हूँ Shubham आप सभी का स्वागत करता हूँ इस Blog पर और हमेशा की तरह एक नए Article के साथ आपके लिए हाजिर हूँ। दोस्तों हर सफल आदमी की शुरुआत असफलता से होती है ठीक उसी तरह Maharashtra के रहने वाले Vilas Gayake जी की शुरुआत भी असफलता से हुई थी। जो आज Om Mahila Gruh Udyog के संस्थापक है।

प्रारंभिक जीवन :-

Vilas Gayake जी का जन्म 15-07-1966  को Jalgaon, Maharshtra में बहुत ही साधारण परिवार में हुआ। Vilas जी एक सामान्य परिवार से होने के कारन वह ज्यादा पढ़ लिख नहीं सके, लेकिन सामन्यतः से उन्होंने अपनी जिंदगी संघर्षपूर्ण गुजारी है।

शुरूआती जिंदगी में Vilas जी ने बहुत मेहनत की और अपनी किस्मत आजमाने के लिए उन्होंने Job करने का फैसला किया। सन 1995 -99 तक उन्होंने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए ईमानदारी से VIP कंपनी में नौकरी की।

उत्तम व्यवहारिकता और समयनिष्ठ होने के कारण उन्होंने अपने साथ काम करने वाले दोस्तों के साथ-साथ कंपनी के अधिकारीयों के भी दिल जित लिए। उसी वजह से VIP कंपनी में उन्हें बहुत बार सन्मानित किया गया था।

Vilas जी के जीवन में सब कुछ ठीक ही चल रहा था तब अचानक VIP कंपनी में कुछ अन्य कारणों की वजह से सारे कारीगर मिलकर अपनी हक़ की लड़ाई लड़ने के लिए धरने (Strike) पर उतर आये। उसी धरने में Vilas जी भी थे।



रातो-रात परिस्थितियाँ उलझने के कारण कंपनी के बोर्ड मेंबर्स ने मिलकर Vilas जी और उनके साथियों पर केस दर्ज किया। देखो दोस्तों अपने हक़ की लड़ाई लड़ना भी इतना महंगा साबित हो सकता है। ऐसा Vilas जी के अनुभव से पता चलता है।

इसी बात पर कायम रहते हुए आखिर Vilas जी और उनके अन्य साथियों को गिरफ्तार किया और नासिक जेल में एक हप्ते के लिए रखा गया। Vilas जी बताते है की जब मैंने जेल में खाना खाया और वहाँ की व्यवस्था देखि तो मेरे आँखों में आँसू थे। उसी समय उन्होंने अपनी माँ को भी  खो दिया, उनका  देहांत हो गया। Vilas जी पूरी तरह से अंदर से टूट चुके थे।

तभी Vilas जी ने निर्णय लिया की जिंदगी में मैं कभी नौकरी नहीं करूंगा। इसी बात पर गौर करते हुए लगभग ठीक एक हप्ते बाद उन्हें 31 मार्च 1999 को रिहा कर दिया और Vilas जी Jalgaon यानी अपने घर फिर से लौट आये।

कंपनी की शुरुआत :-

दोस्तों अक्सर आपने सूना ही होगा  की सफल आदमी के पीछे एक अच्छी स्त्री का हाथ होता है। ठीक उसी तरह Vilas जी के साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ। उनके धर्मपत्नी जयमाला ने उनको कभी अकेला महसूस होने नहीं दिया, वह हमेशा उनको प्रेरित करती रही। शायद उसी का नतीजा आज Vilas जी पैसो से ही नहीं बल्कि समाज की नैतिकता को समझते हुए सफलपूर्वक इंसान की छवि में आते है।

1999 में Vilas जी हताश हो कर घर में बैठे थे। उनको कुछ सूझ नहीं रहा था की अब आगे क्या करे ? तभी रक्षाबंधन के दिन अपनी बहन की तरफ से उनको आमंत्रण आया और वह उस आमंत्रण स्वीकार करते हुए अपनी बहन के घर चले गए।

वहाँ जाकर उन्होंने उनके पडोसी को राजगिरा के लड्डू बनाते हुए देखा। तब उनके मन में ख़याल आया और Vilas जी ने  उनको पूछा क्या मैं इसे Jalgaon में जा कर बेच सकता हूँ।  तो वह पडोसी ने हाँ करते हुए उनको 500 रुपयों के लड्डू पैक कर के दिए।

Vilas जी बड़े खुश हो कर उत्साह के साथ तुरंत अपने घर Jalgaon लौट आये और उन्होंने सारे लड्डू एक दिन में बेच दिए। तभी उनको  200 रुपयों का नफ़ा हुआ। समय के आगे चलते ही बढ़ती हुई मांग को देख कर उन्होंने और उनके पत्नी ने मिलकर सोचा की हम भी लड्डू का व्यवसाय करेंगे।




बिना देर किये उन्होंने जगह न होने के कारण अपने घर की छत से ही व्यवसाय की शुरुआत की। शुरूआती में काफी मुश्किलें आयी लेकिन हर मुश्किलों का सामना करते हुए Vilas जी जीरो से हीरो का सफर करने पर चल पड़े थे। दिन बितते जा रहे थे और Vilas जी के Product की मांग बढ़ती ही जा रही थी।

अब समय था Business को Expand करने का। उसी समय कुछ काम की वजह से Vilas जी Mumbai गए थे। वहाँ उन्होंने Railway Station पर कुछ लड़को को चिक्की ले जाते हुए देखा। उन्होंने बिना समय गवाते हुए तुरंत उनसे बात की। तब उनको पता चला की वे लड़के वहीं  Mumbai में रहकर इसी काम को छोटे Level पर कर रहे है।

तभी अच्छे अवसर को पहचानते हुए उन्होंने उन लड़को को  500 रुपये एडवांस में दिए और Jalgaon आने को कहाँ। वह लड़के Jalgaon आये और तब से लेकर आज तक वह Vilas जी के कंपनी में काम कर रहे है।

आज Om Mahila Gruh Udyog  में लगभग 13 लोग काम करते है। राजगिरे के लड्डू के साथ साथ वह चिक्की भी बनाते है। साथ ही उनका RO Water का भी व्यवसाय है।

संघर्ष भरा जीवन  :-

जब Vilas जी ने नयी नयी Om Mahila Gruh Udyog की शुरुआत की थी तब उनको मार्केटिंग में बहुत दिक्कत आ रही थी। क्योकि वह Job Background से थे, इसीलिए Sales करना उनके लिए बहुत बडी चुनौती थी। लेकिन उनके एक सिंधी मित्र राजू नारा ने उनको थोड़ा बहुत ट्रैन किया और Vilas जी ने उस चुनौती को भी मात दे दी।

शुरुआती दिनों में Vilas जी 2 Wheeler पर ही अपने माल की Delivery किया करते थे। इसलिए वह हर रोज लगभग 100 से 200 KM का सफर करते थे। शायद उनकी जगह कोई आम इंसान रहता तो वह इतना नहीं कर पाता।

Job चली गयी थी तब रहने के लिए खुद का घर नहीं था लेकिन आज खुद का बंगला है।



Vilas Gayake जी की सफलता :-

Vilas जी बता रहे थे की सबसे बढ़िया और पहला सफलता का परिचय मुझे तब हुआ जब हमारे कंपनी की चिक्की कर्नाटक के सत्यसाई बाबा के दरबार तक पहुंची और 1 लाख चिक्की की मांग वहा से आयी। उसकी पूर्तता करते हुए मुझे बहुत समाधान मिला। जब की यही बात Maharashtra Times में भी आयी थी।

Vilas जी के कंपनी की चीक्की और राजगिरे के लड्डू की मांग आज पुरे देश के अलग अलग कोने से आती है यही सबसे बड़ी सफलता है उनके लिए।

वह हर सामाजिक कार्यक्रम में भी हिस्सा लेते है और अपने कंपनी की चिक्की और राजगिरे के लड्डू को लोगो में बाटते है। जैसे महाराष्ट्र के पंढरपुर में सभी भक्तगण आषाढ़ी यात्रा में जाते है। उन्ही भक्तगण में Vilas जी के कंपनी की चिक्की और राजगिरे के लड्डू प्रशाद के तौर पर बाटे जाते है।

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Vilas जी अपने काम के साथ-साथ समाजसेवा में भी अव्वल है।

उन्हें District industrial Center और अन्य महाविद्यालयों में भी Students को प्रेरित करने के लिए बुलाया जाता है। Vilas जी कहते है की अगर मेरी वजह से कोई एक आदमी भी अपने जीवन के लक्ष्य को साध सके वही मेरे लिए काफी है।  तब मैं कहना चाहूंगा की मेरी जिंदगी जीना सफल हो गया।

उन्हें कई सारे Award मिल चुके है कई लोगो ने उन्हें अपने काम के प्रति लगाव देखते हुए सन्मानित किया है। जिसमे MCED की तरफ से और राष्ट्रिय कृषि विद्यापीठ की तरफ से भी सन्मानित किया है।




सपना :-

Vilas Gayake जी ने मुझसे बात करते हुए कहाँ  की  महिला के बढ़ते अत्याचार देख कर उनके लिए कुछ करना चाहता हूँ। महिलाओं के लिए वह नए उद्योग की योजना बना रहे है।  वह कहते है की कई महिलावर्ग घर में पति के शराब पिने के कारण परेशान है।

उनपर आयी हुई घर और बच्चो की जिम्मेदारी को नकारा नहीं जा सकता इसलिए मैं ऐसा कुछ करना चाहता हूँ की महिलाओं को अपने मनपसंदिता काम के साथ साथ रोजगार भी मिले।

-:सफलता के मंत्र :-

  1. परिस्थिति कितनी भी कठिन क्यों ना हो , आपकी बड़ी सोच का पल्ला हमेशा भारी ही रहना चाहिए।
  2. इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है अगर आप Business कर रहे हो तो आपमें इंसानियत होनी जरुरी है।
  3. काम छोटा रहा तो चलेगा लेकिन शुरुआत तो करो।
  4. अपने जिंदगी के हम खुद कलाकार होते है।
  5. जीवन में एक कार्य अविस्मरणीय कर के जाओ।

Vilas जी बताते है की मेरे धर्मपत्नी के साथ साथ मेरे बड़े भाई नंदकुमार गायके भी मेरे प्रेरणा स्त्रोत रहे है। यही बात को ध्यान में रखते हुए ऐसे महान शख्सियत को taginlife.com की ओर से प्रणाम करते हुए इस Article को पूर्णविराम लगता हूँ। उम्मीद करता हूँ की आपको यह Article जरूर पसंद आया होगा। इतनी देर से  मेरे साथ बने रहने के लिए आपका धन्यवाद।

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